🔥 ट्रेंडिंग कलवा में 20‑साल पुराने घर की गैलरी गिर... अक्टूबर में भारत में 4 महीनों में व्या... मधेपुर में दरभंगा स्नातक MLC चुनाव के... ICG रिपोर्ट: केंद्रीय शासन के तहत जम्म... मोदी ने राहुल गांधी पर भारत की छवि को... हज़ारों भारतीय तीर्थयात्री हौथी हमलों...
23 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
स्थानीय

आष्टा के रोहित भूटिया: प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना से पापड़ उद्योग में आत्मनिर्भर उद्यमी बने

✍️ रिपोर्टर: Pranav Gaur 🗓 23 अक्टू. 2026, 10:38 AM 👁 15
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

आष्टा के निवासी रोहित भूटिया ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत 7 लाख 6 हज़ार रुपये के अनुदान से पापड़ निर्माण इकाई स्थापित कर, प्रति माह 29 क्विंटल उत्पादन और 5.36 लाख रुपये की आय अर्जित की।

आष्टा के निवासी श्री रोहित भूटिया ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना का लाभ लेकर खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। योजना के अंतर्गत उन्होंने व्यक्तिगत इकाई की स्थापना कर पापड़ निर्माण का व्यवसाय शुरू किया, जिससे स्वरोजगार के साथ अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई।

योजना से पहले श्री भूटिया घरेलू स्तर पर पापड़ बनाने का कार्य करते थे, पर सीमित संसाधनों के कारण उत्पादन और व्यवसाय का विस्तार करना चुनौतीपूर्ण था। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के माध्यम से अपने कार्य को व्यवस्थित रूप दिया और पापड़ निर्माण इकाई स्थापित की। इकाई की स्थापना के लिए उन्हें 7 लाख 6 हज़ार रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई, जिससे व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सहायता मिली।

इकाई स्थापित होने के बाद श्री भूटिया के व्यवसाय में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्तमान में उनकी इकाई से प्रतिमाह लगभग 29 क्विंटल पापड़ का उत्पादन किया जा रहा है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इकाई की मासिक लागत 4 लाख 78 हज़ार 500 रुपये तथा कुल मासिक आय 5 लाख 36 हज़ार 500 रुपये है, जिससे प्रतिमाह लगभग 58 हज़ार रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हो रही है।

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना स्थानीय स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े छोटे उद्यमियों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है। श्री रोहित भूटिया की सफलता इस बात का उदाहरण है कि उचित मार्गदर्शन और शासकीय सहायता से छोटे स्तर पर शुरू किया गया काम भी एक व्यवस्थित उद्यम का रूप ले सकता है। उनका प्रयास अन्य युवाओं और छोटे उद्यमियों के लिए प्रेरणादायी है, जो स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।
📲Get App