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30 सित. 2026•
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आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के 10% आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग, लाखों की भीड़ जुटी

✍️ रिपोर्टर: Gopal Singh 🗓 30 सित. 2026, 05:26 PM 👁 33
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आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के लिए 10% आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग को लेकर एक बड़ा आंदोलन चल रहा है, जिसमें लाखों लोग शामिल हो रहे हैं। आंदोलनकारी नेताओं का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा इस आरक्षण को ठीक से लागू नहीं किया जा रहा है, जिससे जरूरतमंदों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के लिए घोषित 10% आरक्षण को केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा प्रभावी ढंग से लागू नहीं किए जाने के विरोध में एक बड़ा जन आंदोलन जोर पकड़ रहा है। इस आंदोलन में लाखों की संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं, जो इस आरक्षण का लाभ सही तरीके से जरूरतमंदों तक पहुंचाने की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि कागजों में आरक्षण तो दे दिया गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसे ठीक से लागू नहीं किया जा रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग इसका वास्तविक लाभ उठाने से वंचित रह जा रहे हैं।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे रवींद्र सिंह भाटी ने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए कहा कि EWS आरक्षण का प्रमाण पत्र बनाते समय उसकी समय सीमा कम से कम 5 वर्ष होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी जाए और भूमि संबंधी नियमों को शिथिल किया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम वाले सभी लोगों को इस आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।

भाटी ने आगे कहा कि सभी प्रकार के चुनावों में EWS के लिए 10% सीटें आरक्षित की जानी चाहिए। उनका मानना है कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी आर्थिक रूप से कमजोर भाई-बहन राजनीति में अपनी किस्मत आजमा सके और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सके। यह मांगें आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।
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