आम आदमी पार्टी के प्रदेश महासचिव विश्वेंद्र सिंह चौधरी ने मुख्यमंत्री के रोड शो की करी आलोचना
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आम आदमी पार्टी के प्रदेश महासचिव विश्वेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री के रोड शो की करी आलोचना स्थानीय निकाय चुनावों में CM का रोड शो कोई उपलब्धि नहीं, बल्कि सरकार की सबसे बड़ी नाकामी है। यह पहली बार है जब कोई मुख्यमंत्री स्थानीय निकाय (नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगम) के चुनावों में रोड शो कर रहा है। यह उनके लिए कोई उपलब्धि नहीं है
उन्होंने खुद सिद्ध कर दिया है कि पिछले ढाई साल से सरकार कैसे चल रही है और जनता में कितना भारी आक्रोश है। अलवर नगर निगम का कचरा संग्रहण प्लांट बंद पड़ा है कचरा जमा हो रहा है टूटी सड़कों और खराब सीवरेज व्यवस्था से शहर बर्बाद हो रहे हैं; विकास का कोई काम नहीं हो रहा। इसी घबराहट और बौखलाहट में दिल्ली, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से इनके मंत्री और हाईकमान के नेता यहां आ रहे हैं। आखिर स्थानीय चुनावों को इतना बड़ा टारगेट बनाकर क्यों चला जा रहा है?
इसका साफ मतलब है कि इन्हें जनता के आक्रोश का पता चल गया है और अब ये जनता को भ्रमित करने आ रहे हैं। मैं जनता से अपील करूंगा कि वे इनके भ्रम में न आएं। जब दुखी जनता इन्हें इन चुनावों में हराएगी, तभी इनकी नींद खुलेगी। हार के डर से ही सही, इनका 'डबल इंजन', हाईकमान और स्थानीय नेतृत्व काम करने का प्रयास करेगा, जिससे अंततः जनता का ही भला होगा।
आज भ्रष्टाचार की हदें पार हो चुकी हैं। इन चुनावों में हार के बाद जब इन पर अंकुश लगेगा, तभी सड़कें बनेंगी, पट्टे मिलेंगे और वास्तविक विकास होगा। हार से इन्हें यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि आगामी विधानसभा चुनावों में भी इनका सूपड़ा साफ होने वाला है। मैं प्रदेशवासियों से अपील करता हूं कि इन्हें (भाजपा को) वोट की चोट से इतना ज़ोर का झटका दें कि इन्हें अपनी हार का अहसास हो जाए। तभी जाकर ये बचे हुए दो-सवा दो साल में जनता के लिए कुछ काम कर पाएंगे।
उन्होंने खुद सिद्ध कर दिया है कि पिछले ढाई साल से सरकार कैसे चल रही है और जनता में कितना भारी आक्रोश है। अलवर नगर निगम का कचरा संग्रहण प्लांट बंद पड़ा है कचरा जमा हो रहा है टूटी सड़कों और खराब सीवरेज व्यवस्था से शहर बर्बाद हो रहे हैं; विकास का कोई काम नहीं हो रहा। इसी घबराहट और बौखलाहट में दिल्ली, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से इनके मंत्री और हाईकमान के नेता यहां आ रहे हैं। आखिर स्थानीय चुनावों को इतना बड़ा टारगेट बनाकर क्यों चला जा रहा है?
इसका साफ मतलब है कि इन्हें जनता के आक्रोश का पता चल गया है और अब ये जनता को भ्रमित करने आ रहे हैं। मैं जनता से अपील करूंगा कि वे इनके भ्रम में न आएं। जब दुखी जनता इन्हें इन चुनावों में हराएगी, तभी इनकी नींद खुलेगी। हार के डर से ही सही, इनका 'डबल इंजन', हाईकमान और स्थानीय नेतृत्व काम करने का प्रयास करेगा, जिससे अंततः जनता का ही भला होगा।
आज भ्रष्टाचार की हदें पार हो चुकी हैं। इन चुनावों में हार के बाद जब इन पर अंकुश लगेगा, तभी सड़कें बनेंगी, पट्टे मिलेंगे और वास्तविक विकास होगा। हार से इन्हें यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि आगामी विधानसभा चुनावों में भी इनका सूपड़ा साफ होने वाला है। मैं प्रदेशवासियों से अपील करता हूं कि इन्हें (भाजपा को) वोट की चोट से इतना ज़ोर का झटका दें कि इन्हें अपनी हार का अहसास हो जाए। तभी जाकर ये बचे हुए दो-सवा दो साल में जनता के लिए कुछ काम कर पाएंगे।