राजनीति
आगरा में विधायकों की प्रतिष्ठा दांव पर: 2026 के विधायक परिषद सदस्य चुनाव का तीव्र संघर्ष
आगरा में 2026 के विधायक परिषद सदस्य चुनाव में सांसद‑विधायकों को जिम्मेदारी सौंपी गई, जबकि प्रशासन ने मतदान बूथों पर कड़ी निगरानी के निर्देश जारी किए।
आगरा में विधायक परिषद सदस्य (एमएलसी) चुनाव 2026 के स्नातक एवं शिक्षक वर्ग में इस बार कांटे का संघर्ष देखने को मिल रहा है, जहाँ सांसद‑विधायकों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।
प्रचार कार्य के लिये 12 जिलों के 100 से अधिक सांसद, विधायकों, जिला पंचायत अध्यक्ष, मेयर और ब्रज क्षेत्र के पदाधिकारियों को नियुक्त किया गया है।
भाजपा ने आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, एटा, हाथरस, कन्नौज, फर्रुखाबाद, औरैया और इटावा के सांसद‑विधायकों को जिम्मेदारी सौंपी है, जबकि सपा ने भी प्रत्येक जिले में ड्यूटी लगाई है।
प्रशासन ने प्रत्येक मतदान बूथ पर वीडियो रिकॉर्डिंग और मतदान पेटी को सील करने के निर्देश जारी किए हैं। 22 अक्टूबर को मतदान दल रवाना होंगे और 23 अक्टूबर को मतदान होगा।
प्रचार कार्य के लिये 12 जिलों के 100 से अधिक सांसद, विधायकों, जिला पंचायत अध्यक्ष, मेयर और ब्रज क्षेत्र के पदाधिकारियों को नियुक्त किया गया है।
भाजपा ने आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, एटा, हाथरस, कन्नौज, फर्रुखाबाद, औरैया और इटावा के सांसद‑विधायकों को जिम्मेदारी सौंपी है, जबकि सपा ने भी प्रत्येक जिले में ड्यूटी लगाई है।
प्रशासन ने प्रत्येक मतदान बूथ पर वीडियो रिकॉर्डिंग और मतदान पेटी को सील करने के निर्देश जारी किए हैं। 22 अक्टूबर को मतदान दल रवाना होंगे और 23 अक्टूबर को मतदान होगा।