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आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने काम बंद करने के बजाय बेहतर काम करने और हक के लिए लड़ने का आह्वान किया
एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने काम बंद करने को समस्या का समाधान मानने से इनकार कर दिया है। उन्होंने साथी कार्यकर्ताओं से बेहतर प्रदर्शन करने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आग्रह किया है।
एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने स्पष्ट किया है कि काम बंद करने से कोई हल नहीं निकलेगा। उन्होंने कहा कि बेहतर काम करके और अपने हक के लिए लड़कर ही समाधान पाया जा सकता है। उन्होंने पिछले अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि लॉकडाउन के दौरान पोलियो उन्मूलन में कितनी मुसीबतें उठानी पड़ी थीं, जब लोग दवा पिलाने तक नहीं आते थे और कभी-कभी टीमों से भीड़ भी जाते थे।
कोरोना काल का स्मरण करते हुए, उन्होंने बताया कि जब हर कोई घर से निकलने में डर रहा था, तब आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों के हालचाल पूछते थे और हर रोज स्वास्थ्य केंद्र को रिपोर्ट भेजते थे। यह सब ऐसे था मानो वे लोहे के बने हों और कोरोना उनसे डरता हो।
इसीलिए, काम बंद करने के बजाय, उन्होंने साथी कार्यकर्ताओं से अपना काम और बेहतर करने तथा सरकार से अपने हक के लिए आवाज उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अपने हक के लिए लड़ना कोई गलत काम नहीं है, बल्कि यह एक सामूहिक प्रयास होना चाहिए।
कोरोना काल का स्मरण करते हुए, उन्होंने बताया कि जब हर कोई घर से निकलने में डर रहा था, तब आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों के हालचाल पूछते थे और हर रोज स्वास्थ्य केंद्र को रिपोर्ट भेजते थे। यह सब ऐसे था मानो वे लोहे के बने हों और कोरोना उनसे डरता हो।
इसीलिए, काम बंद करने के बजाय, उन्होंने साथी कार्यकर्ताओं से अपना काम और बेहतर करने तथा सरकार से अपने हक के लिए आवाज उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अपने हक के लिए लड़ना कोई गलत काम नहीं है, बल्कि यह एक सामूहिक प्रयास होना चाहिए।