📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / People Media Factory
मनोरंजन
रवि तेजा की ‘इरुमुड़ी’ से प्रेरित, पिता‑बेटी रिश्ते पर केंद्रित 9 तेलुगु फ़िल्में
✍️ Mid-Day
🗓 06 सित. 2026, 03:37 PM
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मिड‑डे ने रवि तेजा की ‘इरुमुड़ी’ के बाद पिता‑बेटी के रिश्ते को दर्शाने वाली नौ तेलुगु फ़िल्मों की सूची तैयार की है।
मिड‑डे ने एक विशेष लेख में नौ तेलुगु फ़िल्मों की सूची तैयार की है, जिनमें पिता‑बेटी के रिश्ते को मुख्य विषय बनाया गया है। यह चयन रवि तेजा की हालिया फ़िल्म “इरुमुड़ी” की सफलता के बाद आया, जिसने एकल पिता और उसकी बेटी के बीच के भावनात्मक बंधन को दर्शाकर दर्शकों को प्रभावित किया।
सूची में बड़े बजट वाले पारिवारिक ड्रामा से लेकर छोटे इंडी प्रोजेक्ट तक के विभिन्न प्रकार की फ़िल्में शामिल हैं। “मा…अन्नैया”, “मल्लि रावा” और “उप्पेना” जैसी फ़िल्में, अपने‑अपने अंदाज़ में, पिता के त्याग, प्रेम और पीढ़ीगत टकराव को उजागर करती हैं।
मिड‑डे के संपादक का कहना है कि तेलुगु सिनेमा में अब अधिक सूक्ष्म पारिवारिक कहानियों की ओर रुझान बढ़ रहा है, जहाँ एक्शन‑प्रधान फ़ॉर्मूले की जगह भावनात्मक गहराई को महत्व दिया जा रहा है। पिता‑बेटी के बंधन को केंद्र में रखकर ये फ़िल्में शहरी व ग्रामीण दोनों दर्शकों को आकर्षित करने का लक्ष्य रखती हैं।
उद्योग के विश्लेषकों का अनुमान है कि इस प्रकार के विषयों की लोकप्रियता भविष्य में और अधिक फ़िल्म निर्माताओं को समान कहानियों की ओर प्रेरित करेगी। लेख अंत में दर्शकों को इन फ़िल्मों को फिर से देखने और पारिवारिक प्रेम के नए आयाम समझने की सलाह देता है।
सूची में बड़े बजट वाले पारिवारिक ड्रामा से लेकर छोटे इंडी प्रोजेक्ट तक के विभिन्न प्रकार की फ़िल्में शामिल हैं। “मा…अन्नैया”, “मल्लि रावा” और “उप्पेना” जैसी फ़िल्में, अपने‑अपने अंदाज़ में, पिता के त्याग, प्रेम और पीढ़ीगत टकराव को उजागर करती हैं।
मिड‑डे के संपादक का कहना है कि तेलुगु सिनेमा में अब अधिक सूक्ष्म पारिवारिक कहानियों की ओर रुझान बढ़ रहा है, जहाँ एक्शन‑प्रधान फ़ॉर्मूले की जगह भावनात्मक गहराई को महत्व दिया जा रहा है। पिता‑बेटी के बंधन को केंद्र में रखकर ये फ़िल्में शहरी व ग्रामीण दोनों दर्शकों को आकर्षित करने का लक्ष्य रखती हैं।
उद्योग के विश्लेषकों का अनुमान है कि इस प्रकार के विषयों की लोकप्रियता भविष्य में और अधिक फ़िल्म निर्माताओं को समान कहानियों की ओर प्रेरित करेगी। लेख अंत में दर्शकों को इन फ़िल्मों को फिर से देखने और पारिवारिक प्रेम के नए आयाम समझने की सलाह देता है।