80 लाख रुपये के सफाई टेंडर को निरस्त करने की मांग, अधिशासी अधिकारी को सौंपा पत्र
80 लाख रुपये के सफाई टेंडर को निरस्त करने की मांग, अधिशासी अधिकारी को सौंपा पत्र
80 लाख रुपये के सफाई टेंडर को निरस्त करने की मांग, अधिशासी अधिकारी को सौंपा पत्र
राजाखेड़ा। नगरपालिका राजाखेड़ा में लगभग 80 लाख रुपये के अस्थायी सफाई श्रमिकों के टेंडर को निरस्त करने की मांग को लेकर भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष सत्यम गुप्ता के नेतृत्व में अधिशासी अधिकारी को पत्र सौंपा गया।
सत्यम गुप्ता ने बताया कि नगरपालिका में लगभग 68 स्थायी सफाई कर्मचारी नियुक्त हैं तथा अन्य कार्मिकों सहित कुल संख्या करीब 120 बताई जा रही है। इसके अलावा, लगभग 4.15 करोड़ रुपये का डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण ठेका भी संचालित है। ऐसे में अतिरिक्त टेंडर की आवश्यकता एवं औचित्य पर पुनर्विचार किया जाना जरूरी है।
उन्होंने अधिशासी अधिकारी से मांग की कि जनहित और सरकारी धन की बचत को ध्यान में रखते हुए उक्त टेंडर को निरस्त किया जाए तथा उपलब्ध कर्मचारियों और मौजूदा ठेके की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर उचित निर्णय लिया जाए।
सत्यम गुप्ता ने कहा कि सरकारी धन जनता की अमानत है और उसका उपयोग पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ होना चाहिए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।
इस दौरान वार्ड पार्षद विजेंद्र सिंह, हेमंत सिसोदिया, नितेश सिंह, बृजमोहन शर्मा, विष्णु सोनी, भरत सिंह, छविराम सिंह, सुमेर सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
राजाखेड़ा। नगरपालिका राजाखेड़ा में लगभग 80 लाख रुपये के अस्थायी सफाई श्रमिकों के टेंडर को निरस्त करने की मांग को लेकर भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष सत्यम गुप्ता के नेतृत्व में अधिशासी अधिकारी को पत्र सौंपा गया।
सत्यम गुप्ता ने बताया कि नगरपालिका में लगभग 68 स्थायी सफाई कर्मचारी नियुक्त हैं तथा अन्य कार्मिकों सहित कुल संख्या करीब 120 बताई जा रही है। इसके अलावा, लगभग 4.15 करोड़ रुपये का डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण ठेका भी संचालित है। ऐसे में अतिरिक्त टेंडर की आवश्यकता एवं औचित्य पर पुनर्विचार किया जाना जरूरी है।
उन्होंने अधिशासी अधिकारी से मांग की कि जनहित और सरकारी धन की बचत को ध्यान में रखते हुए उक्त टेंडर को निरस्त किया जाए तथा उपलब्ध कर्मचारियों और मौजूदा ठेके की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर उचित निर्णय लिया जाए।
सत्यम गुप्ता ने कहा कि सरकारी धन जनता की अमानत है और उसका उपयोग पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ होना चाहिए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।
इस दौरान वार्ड पार्षद विजेंद्र सिंह, हेमंत सिसोदिया, नितेश सिंह, बृजमोहन शर्मा, विष्णु सोनी, भरत सिंह, छविराम सिंह, सुमेर सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।