📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jamie Secor
शिक्षा
हापुड़: कक्षा सात की छात्रा निधि बनीं एक दिन की डीएम, जनसुनवाई में उठाईं समस्याएँ
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 14 अक्टू. 2026, 01:31 PM
👁 17
कक्षा सात की छात्रा निधि को हापुड़ में एक दिन की डीएम नियुक्त किया गया, जहाँ उन्होंने जनसुनवाई में स्थानीय समस्याओं को उजागर किया।
हापुड़, उत्तर प्रदेश – एक अनोखी नागरिक पहल के तहत कक्षा सात की छात्रा निधि को एक दिन की जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के रूप में नियुक्त किया गया। यह कार्यक्रम, जिसका उद्देश्य युवाओं को शासन प्रक्रिया से परिचित कराना है, उन्हें शहर में आयोजित जनसुनवाई की अध्यक्षता करने का अवसर प्रदान करता है।
सत्र के दौरान निधि ने निवासियों की शिकायतें सुनीं और उन्होंने जिन समस्याओं को उठाया, उन्हें स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया, जिससे प्रशासनिक मंच पर युवा दृष्टिकोण आया। उनकी भागीदारी ने स्कूल‑उम्र के बच्चों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और सामुदायिक संवाद में शामिल करने के महत्व को रेखांकित किया।
स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि इस अभ्यास ने अधिकारियों और नागरिकों के बीच की खाई को पाटने में मदद की, साथ ही अन्य छात्रों को नागरिक जिम्मेदारियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। जनसुनवाई के अंत में जिला प्रशासन ने युवा डीएम द्वारा उजागर की गई समस्याओं पर विचार करने की प्रतिबद्धता जताई।
एक दिन की डीएम योजना, नागरिक शिक्षा को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, और हापुड़ में इस अनुभव को भविष्य में अन्य जिलों में लागू करने के लिए एक मॉडल माना जा रहा है।
सत्र के दौरान निधि ने निवासियों की शिकायतें सुनीं और उन्होंने जिन समस्याओं को उठाया, उन्हें स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया, जिससे प्रशासनिक मंच पर युवा दृष्टिकोण आया। उनकी भागीदारी ने स्कूल‑उम्र के बच्चों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और सामुदायिक संवाद में शामिल करने के महत्व को रेखांकित किया।
स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि इस अभ्यास ने अधिकारियों और नागरिकों के बीच की खाई को पाटने में मदद की, साथ ही अन्य छात्रों को नागरिक जिम्मेदारियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। जनसुनवाई के अंत में जिला प्रशासन ने युवा डीएम द्वारा उजागर की गई समस्याओं पर विचार करने की प्रतिबद्धता जताई।
एक दिन की डीएम योजना, नागरिक शिक्षा को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, और हापुड़ में इस अनुभव को भविष्य में अन्य जिलों में लागू करने के लिए एक मॉडल माना जा रहा है।