📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Development of North Eastern Region
शिक्षा
मेघालय में 75 विद्वानों ने खासी, जैंटिया और गारो की जड़ें खोजने का प्रोजेक्ट शुरू किया
✍️ The Times of India
🗓 03 सित. 2026, 07:33 AM
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75 विद्वानों की टीम ने मेघालय के खासी, जैंटिया और गारो समुदायों की जड़ें खोजने के लिए एक नई पहल शुरू की है।
खासी, जैंटिया और गारो समुदायों की ऐतिहासिक जड़ों और सांस्कृतिक वंशावली को दस्तावेज़ करने के लिए 75 विद्वानों की टीम को नियुक्त किया गया है। यह पहल मेघालय में चल रहे एक बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य राज्य की स्वदेशी विरासत को संरक्षित करना है।
चयनित शोधकर्ता उन पहाड़ी जिलों में फील्डवर्क करेंगे जहाँ ये तीनों जनजातियाँ मुख्य रूप से रहती हैं। वे मौखिक इतिहास, वंशावली रिकॉर्ड और पुरातात्विक साक्ष्य इकट्ठा करेंगे, जिससे एक विस्तृत संदर्भ तैयार किया जा सके जो शैक्षणिक और सामुदायिक शिक्षा दोनों में उपयोगी हो।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि इस अध्ययन के परिणामों को सार्वजनिक डेटाबेस में संकलित किया जाएगा, जिससे स्कूलों और सांस्कृतिक संस्थानों को प्रामाणिक जनजातीय इतिहास अपने पाठ्यक्रम और प्रदर्शनों में शामिल करने में मदद मिलेगी। यह परियोजना कई वर्षों तक चलने की संभावना है, और प्रमुख चरणों की पूर्ति पर नियमित अपडेट जारी किए जाएंगे।
चयनित शोधकर्ता उन पहाड़ी जिलों में फील्डवर्क करेंगे जहाँ ये तीनों जनजातियाँ मुख्य रूप से रहती हैं। वे मौखिक इतिहास, वंशावली रिकॉर्ड और पुरातात्विक साक्ष्य इकट्ठा करेंगे, जिससे एक विस्तृत संदर्भ तैयार किया जा सके जो शैक्षणिक और सामुदायिक शिक्षा दोनों में उपयोगी हो।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि इस अध्ययन के परिणामों को सार्वजनिक डेटाबेस में संकलित किया जाएगा, जिससे स्कूलों और सांस्कृतिक संस्थानों को प्रामाणिक जनजातीय इतिहास अपने पाठ्यक्रम और प्रदर्शनों में शामिल करने में मदद मिलेगी। यह परियोजना कई वर्षों तक चलने की संभावना है, और प्रमुख चरणों की पूर्ति पर नियमित अपडेट जारी किए जाएंगे।