📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ganesh Dhamodkar
धर्म
छतरपुर के 65 वर्षीय गणेश पटेल ने मंदिर के लिए 3 एकड़ जमीन दान की इच्छा जताई
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 05 नव. 2026, 07:45 PM
👁 14
छतरपुर के 65 वर्षीय गणेश पटेल ने रात में आए सपने के बाद मंदिर निर्माण के लिए अपनी तीन एकड़ जमीन दान करने का प्रस्ताव जनसुनवाई में रखा।
छतरपुर, मध्य प्रदेश – मंगलवार को 65 वर्षीय गणेश पटेल ने अपने निजी स्वामित्व की तीन एकड़ जमीन को एक नए मंदिर के निर्माण के लिए दान करने का इरादा जताया। पटेल ने बताया कि यह निर्णय पिछले रात आए एक स्पष्ट सपने से प्रेरित था, जिसे उन्होंने सामुदायिक धार्मिक परियोजना में योगदान के रूप में समझा।
सपने के बाद अगले दिन पटेल ने स्थानीय जनसुनवाई में भाग लेकर अपनी लिखित आवेदन पत्र अधिकारियों को सौंपा। उन्होंने जमीन को नि:शुल्क स्थानांतरित करने की इच्छा व्यक्त की और इस दान को प्रक्रिया में लाने में प्रशासन की मदद मांगी।
स्थानीय अधिकारी इस प्रस्ताव को स्वीकार कर चुके हैं और जमीन की उपयुक्तता की जांच के बाद औपचारिक आवंटन पर विचार करेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि दान को आधिकारिक भूमि अभिलेखों में दर्ज किया जाएगा और मंदिर परियोजना संबंधित नियमों के अनुसार आगे बढ़ेगी।
जनसुनवाई में उपस्थित समुदाय के लोगों ने इस पहल का स्वागत किया, यह कहते हुए कि अतिरिक्त जमीन से योजना में शामिल मंदिर परिसर का विस्तार होगा तथा सामुदायिक सभागार और पार्किंग जैसी सुविधाओं के लिए स्थान मिलेगा।
जिला प्रशासन ने अभी तक अंतिम स्वीकृति की समयसीमा नहीं बताई है, परंतु प्रक्रिया के आगे बढ़ने पर जनता को सूचित किया जाएगा।
सपने के बाद अगले दिन पटेल ने स्थानीय जनसुनवाई में भाग लेकर अपनी लिखित आवेदन पत्र अधिकारियों को सौंपा। उन्होंने जमीन को नि:शुल्क स्थानांतरित करने की इच्छा व्यक्त की और इस दान को प्रक्रिया में लाने में प्रशासन की मदद मांगी।
स्थानीय अधिकारी इस प्रस्ताव को स्वीकार कर चुके हैं और जमीन की उपयुक्तता की जांच के बाद औपचारिक आवंटन पर विचार करेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि दान को आधिकारिक भूमि अभिलेखों में दर्ज किया जाएगा और मंदिर परियोजना संबंधित नियमों के अनुसार आगे बढ़ेगी।
जनसुनवाई में उपस्थित समुदाय के लोगों ने इस पहल का स्वागत किया, यह कहते हुए कि अतिरिक्त जमीन से योजना में शामिल मंदिर परिसर का विस्तार होगा तथा सामुदायिक सभागार और पार्किंग जैसी सुविधाओं के लिए स्थान मिलेगा।
जिला प्रशासन ने अभी तक अंतिम स्वीकृति की समयसीमा नहीं बताई है, परंतु प्रक्रिया के आगे बढ़ने पर जनता को सूचित किया जाएगा।