📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / DBS Dehradun
स्वास्थ्य
600 उत्तराखंड पीजी मेडिकल रेजिडेंट्स ने कम स्टाइपेंड पर हड़ताल, कार्य बहिष्कार की धमकी
✍️ Medical Dialogues
🗓 08 सित. 2026, 04:03 PM
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लगभग 600 उत्तराखंड के पीजी मेडिकल रेजिडेंट्स ने कम स्टाइपेंड के विरोध में हड़ताल शुरू की, यदि मांग पूरी नहीं हुई तो रोगी देखभाल रोकने की चेतावनी दी।
उत्तराखंड के विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में काम करने वाले लगभग 600 पीजी मेडिकल रेजिडेंट्स ने कम स्टाइपेंड को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान भत्ता जीवनयापन के खर्चों को पूरा करने में असमर्थ है, जिससे उन्हें रहने, खाने और यात्रा के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
रिजिडेंट्स की प्रतिनिधि संस्था ने राज्य स्वास्थ्य विभाग को औपचारिक मांग पत्र भेजा है, जिसमें मासिक भत्ते में तुरंत वृद्धि की माँग की गई है। उनका तर्क है कि पर्याप्त भत्ता न मिलने से न केवल प्रशिक्षु प्रभावित होते हैं, बल्कि रोगी देखभाल की गुणवत्ता भी घटती है।
राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस समस्या को स्वीकार किया है और स्टाइपेंड संरचना की पुनः समीक्षा कर रहे हैं, परन्तु कोई स्पष्ट समय‑सीमा नहीं दी है। इस कारण रेजिडेंट्स ने दबाव बनाए रखने के लिए हड़ताल जारी रखी है।
यदि हड़ताल बढ़ती है तो शिक्षण अस्पतालों में सेवाओं का ठहराव हो सकता है, जिससे सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पर निर्भर हजारों रोगियों को असर पड़ेगा। सरकार और रेजिडेंट्स दोनों ही समाधान की प्रतीक्षा में हैं।
रिजिडेंट्स की प्रतिनिधि संस्था ने राज्य स्वास्थ्य विभाग को औपचारिक मांग पत्र भेजा है, जिसमें मासिक भत्ते में तुरंत वृद्धि की माँग की गई है। उनका तर्क है कि पर्याप्त भत्ता न मिलने से न केवल प्रशिक्षु प्रभावित होते हैं, बल्कि रोगी देखभाल की गुणवत्ता भी घटती है।
राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस समस्या को स्वीकार किया है और स्टाइपेंड संरचना की पुनः समीक्षा कर रहे हैं, परन्तु कोई स्पष्ट समय‑सीमा नहीं दी है। इस कारण रेजिडेंट्स ने दबाव बनाए रखने के लिए हड़ताल जारी रखी है।
यदि हड़ताल बढ़ती है तो शिक्षण अस्पतालों में सेवाओं का ठहराव हो सकता है, जिससे सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पर निर्भर हजारों रोगियों को असर पड़ेगा। सरकार और रेजिडेंट्स दोनों ही समाधान की प्रतीक्षा में हैं।