📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
टेक्नोलॉजी
जम्मू-कश्मीर में 50,000 ख़राब स्मार्ट मीटर, 2023 से उपभोक्ताओं को इंतज़ार
✍️ Daily Excelsior
🗓 10 सित. 2026, 08:37 AM
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जम्मू‑कश्मीर में लगभग 50,000 स्मार्ट मीटर खराब पड़े हैं, और उपभोक्ता 2023 से बदलवाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
जम्मू और कश्मीर के विद्युत वितरण नेटवर्क में लगभग 50,000 स्मार्ट मीटर स्थापित किए गए थे, लेकिन ये अब तक कार्यहीन रह गए हैं। इन मीटरों का उद्देश्य बिलिंग को डिजिटल बनाना और ग्रिड की दक्षता बढ़ाना था, परन्तु खराबी के कारण उपभोक्ताओं को सटीक उपभोग डेटा नहीं मिल रहा है।
इस कारण घरों को मैन्युअल रीडिंग या अनुमानित बिलों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे बिजली के बिलों में भ्रम और विवाद बढ़ गया है। उपभोक्ता शिकायतों में वृद्धि देखी जा रही है, कई लोग गलत बिलिंग को सीधे इन दोषपूर्ण मीटरों से जोड़ रहे हैं।
राज्य विद्युत बोर्ड ने समस्या को स्वीकार किया है, परन्तु दोषपूर्ण यूनिटों के प्रतिस्थापन के लिए स्पष्ट समय‑सीमा नहीं दी है। अधिकारियों का कहना है कि खरीद और लॉजिस्टिक चुनौतियों के कारण नई मीटरों की आपूर्ति में देरी हुई है, और एक बड़े पैमाने पर प्रतिस्थापन अभियान की योजना बनाई जा रही है।
यह घटना भारत में स्मार्ट मीटर के व्यापक कार्यान्वयन में तकनीकी गड़बड़ियों और आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं को उजागर करती है, जो डिजिटल बुनियादी ढांचे के लाभों को कम कर सकती हैं। प्रभावित उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे आधिकारिक हेल्पलाइन के माध्यम से समस्याओं की रिपोर्ट करें, जबकि प्रतिस्थापन कार्यक्रम की तैयारी चल रही है।
इस कारण घरों को मैन्युअल रीडिंग या अनुमानित बिलों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे बिजली के बिलों में भ्रम और विवाद बढ़ गया है। उपभोक्ता शिकायतों में वृद्धि देखी जा रही है, कई लोग गलत बिलिंग को सीधे इन दोषपूर्ण मीटरों से जोड़ रहे हैं।
राज्य विद्युत बोर्ड ने समस्या को स्वीकार किया है, परन्तु दोषपूर्ण यूनिटों के प्रतिस्थापन के लिए स्पष्ट समय‑सीमा नहीं दी है। अधिकारियों का कहना है कि खरीद और लॉजिस्टिक चुनौतियों के कारण नई मीटरों की आपूर्ति में देरी हुई है, और एक बड़े पैमाने पर प्रतिस्थापन अभियान की योजना बनाई जा रही है।
यह घटना भारत में स्मार्ट मीटर के व्यापक कार्यान्वयन में तकनीकी गड़बड़ियों और आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं को उजागर करती है, जो डिजिटल बुनियादी ढांचे के लाभों को कम कर सकती हैं। प्रभावित उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे आधिकारिक हेल्पलाइन के माध्यम से समस्याओं की रिपोर्ट करें, जबकि प्रतिस्थापन कार्यक्रम की तैयारी चल रही है।