🔥 TRENDING वरिष्ठ न्यायाधीश हरिश को बार काउंसिल स... હાપા-ઓખા રેલવે માર્ગમાં બ્રિજ નંબર 391... પલસાણામાં 53 વર્ષીય વેપારી મનસુખભાઈ પટ... Mizoram State University to Open by 20... Mizoram CM Lalduhoma: Corruption to be... ટીબી મુક્ત ભારત અભિયાન: માંડવીમાં આરોગ...
28 Oct 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
Politics

47.5 लाख नाम हटाए गए थे। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, प्रक्रिया की शुरुआत में

✍️ Reporter: Ajaruddin 🗓 28 Oct 2026, 05:39 PM 👁 4
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

फॉर्म-6 के केवल 27,510 आवेदन जमा हुए। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और चुनाव आयोग की ओर से प्रक्रिया में संभावित राहत पर आगे की कार्रवाई

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से सवाल किया है कि जिन मतदाताओं के नाम 2026 की मतदाता सूची में पहले से शामिल थे, उन्हें हटाने के बाद दोबारा फॉर्म-6 भरने के लिए क्यों कहा गया। अदालत ने आयोग से दिल्ली में एसआईआर की समय-सीमा बढ़ाने और मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी विचार करने को कहा है।

‘लाइव लॉ’ की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मतदाताओं के नाम हटाए जाने और उन्हें नए सिरे से आवेदन करने के लिए कहे जाने पर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि फॉर्म-6 में बदलाव नहीं किया जा सकता। साथ ही फॉर्म-6, 7 और 8 में भी बदलाव की अनुमति नहीं होने की बात कही गई।

सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म या फॉर्म-8 भरने की अनुमति देने के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए सहमत हुआ। अदालत ने प्रक्रिया को आसान बनाने और मतदाताओं को अपना नाम सूची में शामिल कराने के लिए पर्याप्त समय देने की जरूरत पर जोर दिया।

पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में एसआईआर के तहत मसौदा मतदाता सूची से करीब 47.5 लाख नाम हटाए गए थे। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, प्रक्रिया की शुरुआत में राजधानी में लगभग 1.45 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे। इनमें से अनुपस्थित, दूसरी जगह स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट श्रेणी में रखे गए नाम हटाए गए, जबकि करीब 97.53 लाख नाम मसौदा मतदाता सूची में शामिल किए गए।

रिपोर्ट के मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया के अंतिम चरण के करीब पहुंचने पर दिल्ली में आयोजित विशेष शिविरों में फॉर्म-6 के केवल 27,510 आवेदन जमा हुए। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और चुनाव आयोग की ओर से प्रक्रिया में संभावित राहत पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
📲Get App