📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Admantine123
अपराध
गांधी जयंती पर बिहार जेलों से 44 बुजुर्ग व बीमार कैदी रिहा
✍️ timesofindia.indiatimes.com
🗓 01 अक्टू. 2026, 11:36 PM
👁 13
गांधी जयंती के अवसर पर बिहार सरकार 44 बुजुर्ग व गंभीर रोगी कैदियों को रिहा करेगी।
बिहार जेल विभाग ने घोषणा की कि गांधी जयंती के अवसर पर 44 कैदी, जो या तो बुजुर्ग हैं या गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, विभिन्न जेलों से रिहा किए जाएंगे। यह कदम कैदियों की आयु और चिकित्सीय रिपोर्टों की नियमित समीक्षा के बाद लिया गया है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय अवकाश के दौरान जेल प्रणाली पर दबाव कम करना है।
अधिकारी बताते हैं कि यह निर्णय मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है, क्योंकि कई कैदियों को नियमित चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता है, जो जेल में प्रदान करना कठिन है। साथ ही, यह कदम बिहार की जेलों में भीड़भाड़ को घटाने में मदद करेगा, जो एक लगातार समस्या बनी हुई है।
रिहा किए गए कैदियों के परिवारजनों ने संबंधित जेलों में उन्हें प्राप्त करने के लिए इकट्ठा होकर राहत और कृतज्ञता व्यक्त की। जेल अधिकारियों ने पुष्टि की कि प्रत्येक लाभार्थी को चिकित्सीय सत्यापन के बाद रिहा किया गया है और आगे की शर्तों का पालन करने की निगरानी की जाएगी।
यह रिहाई कई भारतीय राज्यों द्वारा विशेष अवसरों पर बुजुर्ग और बीमार कैदियों को अस्थायी या स्थायी रूप से रिहा करने की व्यापक नीति का हिस्सा है, जो महात्मा गांधी के करुणा और मानव गरिमा के सिद्धांतों के अनुरूप है।
अधिकारी बताते हैं कि यह निर्णय मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है, क्योंकि कई कैदियों को नियमित चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता है, जो जेल में प्रदान करना कठिन है। साथ ही, यह कदम बिहार की जेलों में भीड़भाड़ को घटाने में मदद करेगा, जो एक लगातार समस्या बनी हुई है।
रिहा किए गए कैदियों के परिवारजनों ने संबंधित जेलों में उन्हें प्राप्त करने के लिए इकट्ठा होकर राहत और कृतज्ञता व्यक्त की। जेल अधिकारियों ने पुष्टि की कि प्रत्येक लाभार्थी को चिकित्सीय सत्यापन के बाद रिहा किया गया है और आगे की शर्तों का पालन करने की निगरानी की जाएगी।
यह रिहाई कई भारतीय राज्यों द्वारा विशेष अवसरों पर बुजुर्ग और बीमार कैदियों को अस्थायी या स्थायी रूप से रिहा करने की व्यापक नीति का हिस्सा है, जो महात्मा गांधी के करुणा और मानव गरिमा के सिद्धांतों के अनुरूप है।