📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
विज्ञान
मध्य प्रदेश के चुटका‑भीमपुर में 4200 मेगावॉट का परमाणु ऊर्जा केंद्र
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 10 सित. 2026, 08:32 PM
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मध्य प्रदेश में चुटका (1,400 मेगावॉट) और भीमपुर (2,800 मेगावॉट) में दो परमाणु संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, कुल क्षमता 4,200 मेगावॉट होगी।
परमाणु ऊर्जा विभाग ने मध्य प्रदेश में दो परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण को मंजूरी दी है। मंडला जिले के चुटका में स्थापित पहला यूनिट 1,400 मेगावॉट की क्षमता वाला होगा। शिवपुरी के निकट भीमपुर में स्थित दूसरा यूनिट 2,800 मेगावॉट की शक्ति प्रदान करेगा, जिससे कुल उत्पादन 4,200 मेगावॉट तक पहुँच जाएगा।
इन दोनों संयंत्रों के चालू होने पर यह क्षेत्र देश के प्रमुख परमाणु ऊर्जा केंद्रों में से एक बन जाएगा, जिससे राष्ट्रीय ग्रिड को अतिरिक्त बिजली मिलेगी और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटेगी। यह परियोजना भारत की स्वच्छ ऊर्जा विस्तार योजना के तहत की जा रही है।
निर्माण‑समय‑सीमा, वित्तीय व्यवस्था और निजी भागीदारी के बारे में अभी कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है, परंतु यह घोषणा देश की निचले‑कार्बन ऊर्जा स्रोतों को बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
स्थानीय प्रशासन ने इस विकास को आर्थिक लाभ के रूप में देखा है, जिसमें रोजगार सृजन और आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे का सुधार शामिल है। पर्यावरणीय मंजूरी और सुरक्षा मानकों की देखरेख राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा निगम (NPCIL) द्वारा राष्ट्रीय नियमों के अनुसार की जाएगी।
यह कदम भारत के ऊर्जा मिश्रण में परमाणु शक्ति के हिस्से को बढ़ाने के लक्ष्य के अनुरूप है, जिससे अधिक विविध और स्थायी ऊर्जा पोर्टफोलियो तैयार किया जा सके।
इन दोनों संयंत्रों के चालू होने पर यह क्षेत्र देश के प्रमुख परमाणु ऊर्जा केंद्रों में से एक बन जाएगा, जिससे राष्ट्रीय ग्रिड को अतिरिक्त बिजली मिलेगी और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटेगी। यह परियोजना भारत की स्वच्छ ऊर्जा विस्तार योजना के तहत की जा रही है।
निर्माण‑समय‑सीमा, वित्तीय व्यवस्था और निजी भागीदारी के बारे में अभी कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है, परंतु यह घोषणा देश की निचले‑कार्बन ऊर्जा स्रोतों को बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
स्थानीय प्रशासन ने इस विकास को आर्थिक लाभ के रूप में देखा है, जिसमें रोजगार सृजन और आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे का सुधार शामिल है। पर्यावरणीय मंजूरी और सुरक्षा मानकों की देखरेख राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा निगम (NPCIL) द्वारा राष्ट्रीय नियमों के अनुसार की जाएगी।
यह कदम भारत के ऊर्जा मिश्रण में परमाणु शक्ति के हिस्से को बढ़ाने के लक्ष्य के अनुरूप है, जिससे अधिक विविध और स्थायी ऊर्जा पोर्टफोलियो तैयार किया जा सके।