📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Roland45
स्थानीय
बालाघाट मार्ग से 40 जंगली हाथियों का झुंड बरगी वन में, वन विभाग ने अलर्ट जारी
✍️ Amar Ujala · Jabalpur
🗓 19 अक्टू. 2026, 12:31 PM
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लगभग 300 किमी की दूरी तय कर छत्तीसगढ़ से 40 जंगली हाथियों का झुंड जालंधर के बरगी वन में पहुंचा, जिससे वन विभाग ने अलर्ट जारी कर 40 से अधिक वनकर्मियों को तैनात किया।
वन विभाग ने पुष्टि की है कि लगभग 40 जंगली हाथियों का झुंड बालाघाट मार्ग से छत्तीसगढ़ से लगभग 300 किलोमीटर की दूरी तय कर जालंधर के बरगी वन क्षेत्र में प्रवेश कर गया है। इस अप्रत्याशित आगमन से वन के निकट बसे गाँवों और कृषि क्षेत्रों में संभावित मानव‑वन्यजीव टकराव की चिंता बढ़ गई है।
प्रतिक्रिया स्वरूप, विभाग ने तुरंत अलर्ट जारी किया और 40 से अधिक वनकर्मियों की टीम को तैनात कर हाथियों की निगरानी, उनकी सुरक्षा और संभावित क्षति को रोकने के उपाय किए जा रहे हैं। स्थानीय पुलिस और समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय करके निवासियों को सतर्क किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ से इस आकार के झुंड का जालंधर के वन में पहली बार दर्ज होना एक महत्वपूर्ण घटना है। विभाग ग्राउंड पैट्रोल और हवाई निगरानी के माध्यम से झुंड की प्रगति को ट्रैक कर रहा है और जनता को अनुरोध किया गया है कि वे वन के रास्तों से बचें जब तक स्थिति स्थिर न हो जाए।
वन विभाग ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण और जन सुरक्षा दोनों को प्राथमिकता दी जाएगी और आवश्यक हस्तक्षेप केवल अंतिम विकल्प के रूप में ही किए जाएंगे। निवासियों को किसी भी देखी गई घटना की तुरंत सूचना देने को कहा गया है।
स्थिति में बदलाव आने पर विभाग आगे की जानकारी देगा, यह स्पष्ट करते हुए कि मनुष्यों और हाथियों दोनों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
प्रतिक्रिया स्वरूप, विभाग ने तुरंत अलर्ट जारी किया और 40 से अधिक वनकर्मियों की टीम को तैनात कर हाथियों की निगरानी, उनकी सुरक्षा और संभावित क्षति को रोकने के उपाय किए जा रहे हैं। स्थानीय पुलिस और समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय करके निवासियों को सतर्क किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ से इस आकार के झुंड का जालंधर के वन में पहली बार दर्ज होना एक महत्वपूर्ण घटना है। विभाग ग्राउंड पैट्रोल और हवाई निगरानी के माध्यम से झुंड की प्रगति को ट्रैक कर रहा है और जनता को अनुरोध किया गया है कि वे वन के रास्तों से बचें जब तक स्थिति स्थिर न हो जाए।
वन विभाग ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण और जन सुरक्षा दोनों को प्राथमिकता दी जाएगी और आवश्यक हस्तक्षेप केवल अंतिम विकल्प के रूप में ही किए जाएंगे। निवासियों को किसी भी देखी गई घटना की तुरंत सूचना देने को कहा गया है।
स्थिति में बदलाव आने पर विभाग आगे की जानकारी देगा, यह स्पष्ट करते हुए कि मनुष्यों और हाथियों दोनों की सुरक्षा सर्वोपरि है।