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भोपाल के 36 किमी छह‑लेन बायपास से 8,000 से अधिक पेड़ काटने का खतरा
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi
स्थानीय

भोपाल के 36 किमी छह‑लेन बायपास से 8,000 से अधिक पेड़ काटने का खतरा

✍️ Amar Ujala · Bhopal 🗓 20 अग. 2026, 04:36 PM 👁 23
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राज्य सरकार ने पश्चिमी भोपाल में 36 किमी लंबा छह‑लेन बायपास के लिये जमीन अधिग्रहण पूरा कर लिया है, जिसमें 3,200 पेड़ काटने का आंकड़ा दिया गया है, पर स्थानीय अनुमान के अनुसार कोलार के नौ गांवों में 8,000 से अधिक पेड़ प्रभावित होंगे।

मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल के पश्चिमी हिस्से में 36 किमी लंबा छह‑लेन बायपास के लिये जमीन अधिग्रहण पूरा कर लिया है। यह परियोजना शहर की ट्रैफ़िक जाम को कम करने के लिये तैयार की जा रही है और इस साल के अंत तक निर्माण शुरू हो जाएगा।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस मार्ग में 3,200 पेड़ काटे जाएंगे। लेकिन कोलार क्षेत्र के नौ गांवों में रहने वाले लोगों का कहना है कि वास्तविक संख्या 8,000 से अधिक है, जिससे हरित क्षेत्र और पारिस्थितिक संतुलन को गंभीर खतरा है।

स्थानीय पर्यावरण संगठनों ने जिला प्रशासन से पेड़‑कटाई के आँकड़े पुनः जांचने और बचाए गए पेड़ों को पुनर्वनीकरण या स्थानांतरित करने जैसे उपाय अपनाने की मांग की है। अधिकारियों ने बताया कि वन विभाग को विस्तृत वन मंजूरी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।

यह बायपास भोपाल की शहरी गतिशीलता सुधारने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, परन्तु यह विवाद तेज़ी से बढ़ते भारतीय शहरों में बुनियादी ढाँचा विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच के तनाव को उजागर करता है।
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