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20 अक्टू. 2026•
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25 लाख क्रेटर्स: जब गाने वायरल होते हैं तो कमाई किसकी होती है?
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Hungama
मनोरंजन

25 लाख क्रेटर्स: जब गाने वायरल होते हैं तो कमाई किसकी होती है?

✍️ NDTV 🗓 20 अक्टू. 2026, 09:17 AM 👁 16
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भारत के डिजिटल संगीत क्षेत्र में 25 लाख क्रेटर हैं, जिससे वायरल ट्रैक्स की कमाई के वितरण के सवाल उठ रहे हैं। इंडस्ट्री यह तय करने में लगी है कि कमाई आर्टिस्ट, प्रोड्यूसर और प्लेटफॉर्म के बीच कैसे बांटी जाए।

भारतीय संगीत उद्योग में डिजिटल कंटेंट निर्माण में भारी वृद्धि देखी जा रही है, जहाँ अब अनुमानित 25 लाख क्रेटर सक्रिय हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म संगीत खोज को बढ़ावा देते रहने के कारण, वायरल हिट्स के आर्थिक प्रभाव उद्योग के हितधारकों के बीच केंद्रीय विषय बन गए हैं।

हालाँकि वायरल गाने महत्वपूर्ण स्ट्रीम्स और व्यूज़ जनरेट कर सकते हैं, लेकिन राजस्व का वितरण एक जटिल मुद्दा बना हुआ है। वर्तमान मॉडल अक्सर यह सवाल उठाता है कि ट्रैक की लोकप्रियता से सबसे अधिक कौन लाभ उठाता है—क्या मूल आर्टिस्ट, प्रोड्यूसर, लेबल या डिजिटल प्लेटफॉर्म।

उद्योग के प्रेक्षकों का कहना है कि क्रेटरों की बड़ी संख्या ने प्रतिस्पर्धा को तीव्र बनाया है और पारंपरिक राजस्व धाराओं को बदल दिया है। जैसे-जैसे स्वतंत्र कलाकार पारंपरिक गेटकीपरों को बायपास कर रहे हैं, वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र का पुनर्गठन हो रहा है, जिसके लिए न्यायपूर्ण मुआवज़े के स्पष्ट ढांचों की आवश्यकता है।

यह बहस डिजिटल रॉयल्टी के गणना और वितरण में पारदर्शिता की आवश्यकता को रेखांकित करता है, जहाँ एक गाना रातोंरात लाखों श्रोताओं तक पहुँच सकता है। भारतीय संगीत अर्थव्यवस्था की टिकाऊ वृद्धि के लिए इस गतिशीलता को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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