📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Aliva Sahoo
खेल
21 साल के शिखर मोहन ने पिता के अधूरे क्रिकेट सपने और अपने दीर्घकालिक लक्ष्य पर कहा
✍️ The Indian Express
🗓 11 अक्टू. 2026, 02:37 AM
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एक साक्षात्कार में 21‑साल के क्रिकेटर शिखर मोहन ने बताया कि पिता के अधूरे क्रिकेट सपने ने उनके दीर्घकालिक लक्ष्य को कैसे प्रेरित किया।
21‑साल के क्रिकेटर शिखर मोहन ने अपने पिता के अधूरे क्रिकेट सपने का अपना करियर पर क्या असर पड़ा, यह बताया। वह बताते हैं कि उनके पिता, जो कभी क्लब स्तर पर खेलते थे, उच्च स्तर तक नहीं पहुँच पाए, जिससे परिवार में खेल के प्रति गहरी भावना विकसित हुई।
मोहन ने कहा कि वह अपना क्रिकेट सफर एक दीर्घकालिक खेल मानते हैं, जहाँ त्वरित प्रसिद्धि से अधिक निरंतर प्रशिक्षण और वरिष्ठ खिलाड़ियों से सीखना महत्वपूर्ण है।
आगे देखते हुए, वह घरेलू प्रतियोगिताओं में अपनी जगह पक्की करने और अंततः राष्ट्रीय टीम में चयन पाने का लक्ष्य रख रहे हैं, ताकि पिता के अधूरे सपने को पूरा कर सकें।
मोहन ने कहा कि वह अपना क्रिकेट सफर एक दीर्घकालिक खेल मानते हैं, जहाँ त्वरित प्रसिद्धि से अधिक निरंतर प्रशिक्षण और वरिष्ठ खिलाड़ियों से सीखना महत्वपूर्ण है।
आगे देखते हुए, वह घरेलू प्रतियोगिताओं में अपनी जगह पक्की करने और अंततः राष्ट्रीय टीम में चयन पाने का लक्ष्य रख रहे हैं, ताकि पिता के अधूरे सपने को पूरा कर सकें।