📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann
स्वास्थ्य
बिगड़ती हालत 19 साल की प्रसूता की, बेगूसराय अस्पताल में सिज़ेरियन के बाद पति ने कहा पेट में गॉज मिला
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 12 अक्टू. 2026, 08:01 AM
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बेगूसराय के बखरी स्थित उमा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में सिज़ेरियन के बाद 19 साल की प्रसूता की हालत बिगड़ने के बाद, पति ने कहा कि दूसरे ऑपरेशन में पेट से गॉज मिला, जिससे जांच शुरू हुई।
बिहार के बेगूसराय जिले के बखरी में स्थित उमा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने इस हफ्ते एक 19‑साल की प्रसूता पर सिज़ेरियन किया। प्रारम्भ में यह सामान्य प्रक्रिया बताई गई, परन्तु ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी।
पति के अनुसार, बिगड़ती हालत को देखते हुए दूसरा ऑपरेशन किया गया, जिसमें डॉक्टरों ने पेट के भीतर गॉज का टुकड़ा पाया। उन्होंने इस तथ्य को लेकर शिकायत दर्ज कराई है और कहा कि यह गॉज ही जटिलताओं का कारण बना।
स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकरणों ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और अस्पताल के ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल तथा सर्जिकल उपकरणों के प्रबंधन की समीक्षा का आदेश दिया है। जांच का उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि क्या मानक प्रक्रियाओं का उल्लंघन हुआ है और कोई लापरवाही हुई है या नहीं।
यह घटना राज्य के छोटे‑छोटे अस्पतालों में सर्जिकल सुरक्षा मानकों को लेकर चिंताएँ बढ़ा रही है, और समान घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी व नियमित ऑडिट की मांग को भी उजागर कर रही है।
पति के अनुसार, बिगड़ती हालत को देखते हुए दूसरा ऑपरेशन किया गया, जिसमें डॉक्टरों ने पेट के भीतर गॉज का टुकड़ा पाया। उन्होंने इस तथ्य को लेकर शिकायत दर्ज कराई है और कहा कि यह गॉज ही जटिलताओं का कारण बना।
स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकरणों ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और अस्पताल के ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल तथा सर्जिकल उपकरणों के प्रबंधन की समीक्षा का आदेश दिया है। जांच का उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि क्या मानक प्रक्रियाओं का उल्लंघन हुआ है और कोई लापरवाही हुई है या नहीं।
यह घटना राज्य के छोटे‑छोटे अस्पतालों में सर्जिकल सुरक्षा मानकों को लेकर चिंताएँ बढ़ा रही है, और समान घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी व नियमित ऑडिट की मांग को भी उजागर कर रही है।