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त्रिपुरा के दुर्गाबारी मंदिर में 149 साल पुरानी पशु बलि की परंपरा जारी
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Dolon Prova
धर्म

त्रिपुरा के दुर्गाबारी मंदिर में 149 साल पुरानी पशु बलि की परंपरा जारी

✍️ India Today NE 🗓 20 अक्टू. 2026, 09:47 PM 👁 9
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त्रिपुरा के दुर्गाबारी मंदिर में पशु बलि की 149 वर्ष पुरानी परंपरा आज भी जारी है, जो ऐतिहासिक महत्व रखती है।

त्रिपुरा स्थित दुर्गाबारी मंदिर में एक विशिष्ट सांस्कृतिक और धार्मिक प्रथा का पालन जारी है, जो लगभग एक सदी और आधे से भी अधिक समय से चल रही है। इस मंदिर में पशु बलि की परंपरा 149 वर्षों से जारी है, जिससे इसे क्षेत्र के सबसे लंबे समय से चल रहे अनुष्ठानों में से एक माना जाता है।

यह प्रथा स्थानीय धार्मिक कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है, जो क्षेत्र के आध्यात्मिक जीवन को परिभाषित करने वाली गहरी जड़ें वाली परंपराओं पर प्रकाश डालती है। इस 149 वर्ष पुरानी परंपरा की निरंतरता त्रिपुरा के सांस्कृतिक परिदृश्य में कुछ अनुष्ठानों की स्थायित्व को दर्शाती है।

हालांकि अनुष्ठान की विशिष्ट विवरण स्थानीय मंदिर प्रशासन द्वारा निर्धारित होते हैं, इस प्रथा की लंबी आयु उन भक्तों के लिए इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है जो दुर्गाबारी मंदिर का दर्शन करने आते हैं। यह घटना आधुनिक युग में पारंपरिक रीतियों के संरक्षण का प्रमाण है।
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