📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kg1729
धर्म
राघोपुर नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत, गंगा में विसर्जन की परम्परा
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 15 अक्टू. 2026, 11:16 AM
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बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में नाव डूबने से 13 बच्चों की मौत हुई, और स्थानीय परिवारों ने परम्परागत रूप से शवों को गंगा में विसर्जित किया।
बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी में एक छोटी नाव डूब गई, जिससे 13 बच्चों की मौत हो गई। बचाव दल ने शवों को पानी से निकाल कर परिवारों को अंतिम संस्कार के लिए सौंपा।
भगतान टोला के कई परिवारों ने मृतकों को जलाने या दफनाने के बजाय गंगा में विसर्जित करने की पीढ़ियों पुरानी परम्परा अपनाई। बुजुर्गों के अनुसार, गंगा के प्रवाह में शरीर को डुबोने से आत्मा शुद्ध होती है और मोक्ष की ओर बढ़ती है।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि यह रीति अधिकांश बिहार में आम नहीं है, परन्तु समुदाय के भीतर इसे सांस्कृतिक अधिकार के रूप में मान्यता दी जाती है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने यह सुनिश्चित करने के लिए निगरानी रखी है कि विसर्जन से सार्वजनिक स्वास्थ्य पर कोई असर न पड़े।
यह घटना ग्रामीण बिहार में अंतिम संस्कार की विविध प्रथाओं पर चर्चा को जन्म दे रही है; कुछ धार्मिक विद्वान मानक हिन्दू रीति‑रिवाज़ों का पालन करने की सलाह देते हैं, जबकि अन्य समुदाय के अधिकारों की रक्षा का समर्थन करते हैं।
भगतान टोला के कई परिवारों ने मृतकों को जलाने या दफनाने के बजाय गंगा में विसर्जित करने की पीढ़ियों पुरानी परम्परा अपनाई। बुजुर्गों के अनुसार, गंगा के प्रवाह में शरीर को डुबोने से आत्मा शुद्ध होती है और मोक्ष की ओर बढ़ती है।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि यह रीति अधिकांश बिहार में आम नहीं है, परन्तु समुदाय के भीतर इसे सांस्कृतिक अधिकार के रूप में मान्यता दी जाती है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने यह सुनिश्चित करने के लिए निगरानी रखी है कि विसर्जन से सार्वजनिक स्वास्थ्य पर कोई असर न पड़े।
यह घटना ग्रामीण बिहार में अंतिम संस्कार की विविध प्रथाओं पर चर्चा को जन्म दे रही है; कुछ धार्मिक विद्वान मानक हिन्दू रीति‑रिवाज़ों का पालन करने की सलाह देते हैं, जबकि अन्य समुदाय के अधिकारों की रक्षा का समर्थन करते हैं।