📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Amitbalani
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2024 की पहली आठ महीनों में समृद्धि एक्सप्रेसवे पर 128 मौतें
✍️ The Times of India
🗓 28 सित. 2026, 06:36 AM
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टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, 2024 के पहले आठ महीनों में महाराष्ट्र के समृद्धि ई‑वे पर 128 लोगों की मौत हुई है।
समृद्धि ई‑वे, जो मुंबई‑नागपुर को जोड़ने वाली 701 किलोमीटर लंबी नियंत्रित‑प्रवेश राजमार्ग है, ने जनवरी से अगस्त 2024 के बीच 128 मौतें दर्ज की हैं, जैसा कि टाइम्स ऑफ इंडिया ने बताया। 2022 में उद्घाटित यह टोल‑फ्री मार्ग महाराष्ट्र में व्यापार को तेज़ करने और यात्रा समय घटाने के उद्देश्य से बनाया गया था, परन्तु बढ़ती मृत्यु दर ने सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों में चिंता उत्पन्न कर दी है।
राज्य परिवहन अधिकारियों ने घटनाओं का विस्तृत विवरण नहीं दिया, पर प्रारम्भिक रिपोर्टों से पता चलता है कि तेज़ गति वाले टक्करों, वाहन उलटने और पैदल यात्रियों के साथ टक्करों का मिश्रण है। इस प्रकार की घटनाएँ गति सीमा के कड़ाई से पालन, बेहतर संकेतक और सीसीटीवी व गति‑कैमराओं के माध्यम से निगरानी की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।
महाराष्ट्र सरकार ने पहले ही हाईवे पर आपातकालीन प्रतिक्रिया सुधारने के लिए अधिक एम्बुलेंस स्टेशनों और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों की स्थापना का वादा किया था। इन नवीनतम आँकड़ों के मद्देनज़र, अधिकारियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे मौजूदा सुरक्षा प्रोटोकॉल की पुनः समीक्षा करें और दोपहिया वाहनों के लिए हेलमेट अनिवार्य करने तथा ट्रैफ़िक उल्लंघनों पर कड़ी सज़ा जैसे अतिरिक्त कदम उठाएँ।
सड़क उपयोगकर्ता समूहों ने हाईवे की डिजाइन विशेषताओं—जैसे लेन की चौड़ाई, मध्य बाधा और प्रकाश व्यवस्था—का व्यापक ऑडिट करने की मांग की है, यह तर्क देते हुए कि बुनियादी ढांचे की खामियां उच्च मृत्यु दर में योगदान दे रही होंगी। यह मुद्दा आगामी राज्य परिवहन समिति की बैठकों में चर्चा का विषय बन सकता है।
समृद्धि ई‑वे व्यापार और पर्यटन के लिए एक महत्वपूर्ण धारा बना हुआ है, परन्तु अब तक दर्ज 128 मौतें एक गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा चुनौती को उजागर करती हैं, जिसके समाधान में नीति निर्माताओं, प्रवर्तन एजेंसियों और यात्रियों को मिलकर काम करना आवश्यक है।
राज्य परिवहन अधिकारियों ने घटनाओं का विस्तृत विवरण नहीं दिया, पर प्रारम्भिक रिपोर्टों से पता चलता है कि तेज़ गति वाले टक्करों, वाहन उलटने और पैदल यात्रियों के साथ टक्करों का मिश्रण है। इस प्रकार की घटनाएँ गति सीमा के कड़ाई से पालन, बेहतर संकेतक और सीसीटीवी व गति‑कैमराओं के माध्यम से निगरानी की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।
महाराष्ट्र सरकार ने पहले ही हाईवे पर आपातकालीन प्रतिक्रिया सुधारने के लिए अधिक एम्बुलेंस स्टेशनों और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों की स्थापना का वादा किया था। इन नवीनतम आँकड़ों के मद्देनज़र, अधिकारियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे मौजूदा सुरक्षा प्रोटोकॉल की पुनः समीक्षा करें और दोपहिया वाहनों के लिए हेलमेट अनिवार्य करने तथा ट्रैफ़िक उल्लंघनों पर कड़ी सज़ा जैसे अतिरिक्त कदम उठाएँ।
सड़क उपयोगकर्ता समूहों ने हाईवे की डिजाइन विशेषताओं—जैसे लेन की चौड़ाई, मध्य बाधा और प्रकाश व्यवस्था—का व्यापक ऑडिट करने की मांग की है, यह तर्क देते हुए कि बुनियादी ढांचे की खामियां उच्च मृत्यु दर में योगदान दे रही होंगी। यह मुद्दा आगामी राज्य परिवहन समिति की बैठकों में चर्चा का विषय बन सकता है।
समृद्धि ई‑वे व्यापार और पर्यटन के लिए एक महत्वपूर्ण धारा बना हुआ है, परन्तु अब तक दर्ज 128 मौतें एक गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा चुनौती को उजागर करती हैं, जिसके समाधान में नीति निर्माताओं, प्रवर्तन एजेंसियों और यात्रियों को मिलकर काम करना आवश्यक है।