📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Tanya2016
अपराध
एलपीयू हिंसा मामले में 12 गिरफ्तार, जम्मू‑कश्मीर के तीन छात्रों सहित, 30 की तलाश
✍️ Amar Ujala · Jalandhar
🗓 01 अक्टू. 2026, 11:01 PM
👁 12
जम्मू‑कश्मीर के तीन छात्रों सहित 12 लोगों को एलपीयू हिंसा मामले में गिरफ्तार किया गया, कुल 40 संदिग्धों की पहचान हुई और 30 अन्य, जिनमें कई छात्राएँ शामिल हैं, की तलाश जारी है।
जम्मू‑कश्मीर के तीन छात्रों सहित कुल बारह लोगों को लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हुए हिंसक प्रकरण के संबंध में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस सूची में आंध्र प्रदेश की एक छात्रा भी शामिल है।
जांच के दौरान कुल चालीस संदिग्धों की पहचान की गई है, जिनमें से अभी तक बत्तीस अभी भी फरार हैं। पुलिस ने इन बचे हुए व्यक्तियों को पकड़ने के लिए व्यापक खोज अभियान चलाया है।
खोज में कई छात्राएँ भी शामिल हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस सभी संलिप्त व्यक्तियों को लिंग के आधार पर नहीं, बल्कि समान रूप से तलाश रही है। अभी तक आरोपों या गिरफ्तारी के कारणों के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
यह मामला कई राज्यों में चर्चा का विषय बन गया है, जिससे कैंपस सुरक्षा और त्वरित कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता पर प्रकाश पड़ा है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी उपयोगी जानकारी को तुरंत प्रदान करें, जिससे बचे हुए संदिग्धों को पकड़ा जा सके।
बारह गिरफ्तारियों के बाद अभी तक कोई नई गिरफ्तारी नहीं हुई है, और जांच आगे बढ़ती रहेगी जब तक सभी साक्ष्य एकत्र नहीं हो जाते।
जांच के दौरान कुल चालीस संदिग्धों की पहचान की गई है, जिनमें से अभी तक बत्तीस अभी भी फरार हैं। पुलिस ने इन बचे हुए व्यक्तियों को पकड़ने के लिए व्यापक खोज अभियान चलाया है।
खोज में कई छात्राएँ भी शामिल हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस सभी संलिप्त व्यक्तियों को लिंग के आधार पर नहीं, बल्कि समान रूप से तलाश रही है। अभी तक आरोपों या गिरफ्तारी के कारणों के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
यह मामला कई राज्यों में चर्चा का विषय बन गया है, जिससे कैंपस सुरक्षा और त्वरित कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता पर प्रकाश पड़ा है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी उपयोगी जानकारी को तुरंत प्रदान करें, जिससे बचे हुए संदिग्धों को पकड़ा जा सके।
बारह गिरफ्तारियों के बाद अभी तक कोई नई गिरफ्तारी नहीं हुई है, और जांच आगे बढ़ती रहेगी जब तक सभी साक्ष्य एकत्र नहीं हो जाते।